अधिवक्ता और राजस्व लिपिक के बीच आपसी समझौता की बनी सहमति, 38(2) हुआ था लिपिक और अधिवक्ता के बीच मारपीट

ब्यूरो चीफ- पुष्कर रस्तोगी
एसडीएम आकांक्षा सिंह के नेतृत्व में चर्चा करते हुए अधिवक्ता और राजस्व लिपिक व लेखपाल संघ के पदाधिकारी
सकलडीहा (समाचार टुडे) बीते दिनों तहसील में राजस्व लिपिक शाकिब अर्सलान और अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह के बीच 38(2) नाम संशोधन की फाइल रोके जाने को लेकर विवाद होगया था। जिसमें दोनों पक्ष की ओर से केातवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मंगलवार को एसडीएम आकांक्षा सिंह ने अधिवक्ता और लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के बीच आपसी सहमति बनाये जाने की पहल किया। जिसमें दोनों पक्षों की ओर से गिला सिकवा दूर करते हुए नियमानुसार कार्य करने की सहमति पर चर्चा किया गया।
सकलडीहा तहसील में फाइलों के गुम हो जाने व फाइलों को रोके जाने के आरोप को लेकर अधिवक्ता आये दिन परेशान रहते है। बीते दिनों तहसील के अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह की 38(2)नाम संशोधन की फाइल कई दिनों से प्रभारी राजस्व लिपिक की ओर से रोके जाने का आरोप था। जबकि तहसीलदार की ओर से फाइल को खोजकर समाधान कराये जाने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी राजस्व लिपिक से पूछने को लेकर विवाद होगया। जिसमें दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज है। मारपीट की घटना के कारण कई दिनों से न्यायिक कार्य प्रभावित था। इस मामले में राजस्व लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम आकांक्षा सिंह और तहसीलदार अनुराग सिंह की ओर से दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता बनाये जाने की पहल किया गया। जिसके बाद राजस्व लिपिक की ओर से खेद प्रकट करने व गलती स्वीकार करने पर अधिवक्ताओं ने गिला सिकवा दूर कर नियमानुसार कार्य करने पर चर्चा किया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता अजय सिंह,राजकुमार सिंह,उपेन्द्र नारायण सिंह,राजेश्वर सिंह,आलोक पाठक,लेखपाल संघ अध्यक्ष विनय सिंह,अरूण अवस्थी सहित अन्य रहे।









