डेढ़ लाख के कर्ज के बदले सात लाख वसूले, फिर भी बेटे के अपहरण की दी धमकी, कोतवाली पुलिस ने खिलायी जेल की हवा ।

शिकायत के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा न्यायालय
सकलडीहा। (समाचार टूडे) आपने यह पत्तियां जरुर पढ़ी होगी “दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय।मुई खाल की स्वाँस सो, सार भस्म होई जाय” यह दोहा इस मामले में बिल्कुल सटीक बैठता है डेढ़ लाख रुपये के कर्ज के बदले करीब सात लाख रुपये चुकाने के बावजूद कथित तौर पर लगातार रुपये की मांग करने और बेटे के अपहरण व जान से मारने की धमकी देने के मामले में सकलडीहा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को ढोढीया गांव निवासी अफसाना बेगम पत्नी अख्तर अली ने सकलडीहा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गरीबी के चलते उन्होंने रैथा गांव निवासी शम्भूनाथ यादव और सच्चिदानन्द उपाध्याय से डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि तीन वर्षों के दौरान उन्होंने करीब सात लाख रुपये वापस कर दिए। इसमें लगभग 1.70 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान किए गए, जबकि करीब पांच लाख रुपये गहने बेचकर चुकाए गए।
आरोप है कि इतनी रकम वापस करने के बाद भी दोनों आरोपियों द्वारा लगातार डरा-धमकाकर पैसे की मांग की जा रही थी। पीड़िता का कहना था कि आरोपियों द्वारा उसके बेटे का अपहरण करने और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। तहरीर के आधार पर सकलडीहा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 149/2026, धारा 308(5), 352 एवं 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
थानाध्यक्ष सकलडीहा भूपेन्द्र कुमार निषाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बुधवार को सुबह 10:25 बजे के करीब ग्राम नौरंगाबाद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शम्भूनाथ यादव (45) पुत्र स्व. मुख्खन यादव निवासी रैथा, थाना धीना तथा सच्चिदानन्द उपाध्याय (46) पुत्र स्व. सदानन्द उपाध्याय निवासी रैथा, थाना धीना, जनपद चंदौली के रूप में हुई है। बताते चले कि सूदखोरी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने लगातार अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद, उपनिरीक्षक अजय कुमार शर्मा, हेड कांस्टेबल सतीश यादव, हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार तथा कांस्टेबल विवेक कुमार शामिल रहे।









