चंदौली को मिली बड़ी कामयाबी, महिलाओं को बंधक बनाकर अश्लील वीडियो बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत चार गिरफ्तार ।

मुगलसराय, चंदौली।(समाचार टुडे) थाना मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से महिलाओं को नौकरी व मकान दिलाने के बहाने बुलाकर बंधक बनाने, अश्लील फोटो-वीडियो तैयार कर ब्लैकमेल करने और परिजनों से धन उगाही करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला पर खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़िताओं को डराने-धमकाने का भी आरोप है।
पुलिस के अनुसार, जनपद में डायल-112 और एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से इस तरह की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों की जांच के दौरान सामने आया कि एक संगठित गिरोह महिलाओं को नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर सुनसान अथवा पूर्व निर्धारित स्थान पर बुलाता था। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर खुद को पुलिस टीम बताकर डराया-धमकाया जाता था तथा अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता और उसके परिजनों से रुपये वसूले जाते थे।
थाना मुगलसराय में 27 अगस्त 2026 को दो महिलाओं ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं। पहली शिकायत में आशा देवी ने आरोप लगाया कि 14 मई को नौकरी दिलाने के बहाने उन्हें रामनगर से ग्राम डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां उन्हें करीब दो दिनों तक बंधक बनाकर मारपीट और गलत हरकत की गई। एक युवक के साथ उनका वीडियो बनाकर परिजनों को वायरल करने की धमकी दी गई तथा फिरौती मांगी गई। परिजनों द्वारा करीब 30 हजार रुपये भेजे जाने के बाद उन्हें छोड़ा गया। आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल छीनकर फोन-पे के माध्यम से करीब 75 हजार रुपये भी जबरन ट्रांसफर करा लिए गए।
इस मामले में मुगलसराय थाने में मुकदमा अपराध संख्या 444/2026 के तहत संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया।
दूसरी शिकायतकर्ता आयशा ने बताया कि 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के बहाने उन्हें रामनगर चौराहे से डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां तीन पुरुषों और एक महिला ने उन्हें कमरे में बंधक बनाकर निर्वस्त्र किया और वीडियो बनाया। वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। आरोप है कि उनका मोबाइल छीनकर पति से भी फिरौती मांगी गई और फोन-पे के जरिए उनके खाते से करीब 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़िता किसी तरह रात में छतों के रास्ते भागकर अपनी जान बचाने में सफल हुईं।
इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 443/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
एस्कॉर्ट सर्विस में धोखाधड़ी के बाद बनाई योजना
पुलिस की विवेचना में कथित गिरोह के सरगना विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक, वह पूर्व में लोकांटो वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा संचालित करता था। वर्ष 2023 में एक महिला द्वारा कथित रूप से ठगी किए जाने के बाद उसने एस्कॉर्ट महिलाओं से बदला लेने की योजना बनाई।
आरोप है कि इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाया। गिरोह ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा के नाम पर महिलाओं को बुक कर निर्धारित स्थान पर बुलाता और फिर फर्जी पुलिस टीम बनकर उन्हें डराता-धमकाता था। इसके बाद उनके अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की जाती और पीड़िता तथा उसके परिजनों से ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से धन की उगाही की जाती थी।
डहिया स्थित मकान में दबिश देकर चार गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मुकदमों की विवेचना और वांछित अभियुक्तों की तलाश के दौरान थानाध्यक्ष मुगलसराय अर्जुन सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सूरज, थाना मुगलसराय तथा उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, साइबर थाना की टीम ने सर्विलांस टीम की सहायता से 28 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित एक मकान में घेराबंदी कर दबिश दी।
मौके से तीन पुरुष और एक महिला अभियुक्त को हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, वादिनियों ने मौके पर आरोपियों की पहचान भी की।
भारी मात्रा में मोबाइल, नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 08 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, 09 एटीएम कार्ड, पांच फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, श्रम कार्ड, कोविड कार्ड, विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक बरामद की हैं।
इसके अलावा एक पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस, टॉर्चर किट, एक स्कूटी और पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस ने दोनों वाहनों को धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ विवेचना के दौरान बीएनएस की अन्य संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी भी की गई है।
महिला आरोपी खुद को बताती थी सीबीआई अधिकारी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अंजली गुप्ता कथित तौर पर स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर महिलाओं को डराती-धमकाती थी। पुलिस के अनुसार, वह फर्जी पहचान पत्रों और बैंक खातों के माध्यम से गिरोह द्वारा वसूली गई रकम के लेनदेन में भी शामिल थी।
वहीं, पुलिस के मुताबिक विशम्भर विश्वकर्मा महिलाओं को रामनगर चौराहे से डहिया स्थित मकान तक लाने का काम करता था। वहां गिरोह के अन्य सदस्य महिलाओं को बंधक बनाकर अश्लील वीडियो तैयार करते और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर परिजनों से रुपये मंगवाते थे।
गिरफ्तार आरोपी
1. विजय कुमार गुप्ता उर्फ संजय गुप्ता उर्फ रॉकी, निवासी खान सेमरा, थाना शंकरगढ़, प्रयागराज; वर्तमान पता हमीदपुर, थाना मुगलसराय, चंदौली।
2. कृष्ण कुमार गुप्ता, निवासी खान सेमरा, थाना शंकरगढ़, प्रयागराज; वर्तमान पता हमीदपुर, थाना मुगलसराय, चंदौली।
3. विशम्भर विश्वकर्मा, निवासी सुजाबाद, थाना रामनगर, वाराणसी।
4. अंजली गुप्ता, पत्नी विजय कुमार गुप्ता, निवासी खान सेमरा, थाना शंकरगढ़, प्रयागराज; वर्तमान पता हमीदपुर, थाना मुगलसराय, चंदौली।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।









