
ब्यूरो चीफ- पुष्कर रस्तोगी
सकलडीहा (समाचार टुडे)। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का यह कथन कि “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा” एक बार फिर चरितार्थ हुआ है। सकलडीहा के एक साधारण व्यापारी परिवार से निकलकर आदर्श जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए देश की अग्रणी निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस, हैदराबाद में जीएनसी (Guidance, Navigation & Control) इंजीनियर के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
कस्बा सकलडीहा रोड स्थित प्रसिद्ध लड्डू कपड़ा घर के संचालक धनंजय जायसवाल के पुत्र आदर्श जायसवाल ने पारिवारिक व्यवसाय की परंपरा से अलग हटकर विज्ञान एवं अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उनके चयन की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। शुभचिंतकों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी
आदर्श की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जॉन्स स्कूल, चंदौली से हुई। इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई सीएचएस (सेंट्रल हिंदू स्कूल), वाराणसी से पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने वाराणसी में आईआईटी की तैयारी की और फिर कोलकाता से बीटेक तथा आईआईटी खड़गपुर से एमटेक की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान उन्हें देश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों से आकर्षक वेतन के प्रस्ताव मिले, लेकिन उनका सपना अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कार्य कर देश का नाम रोशन करना था। अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल कर लिया।
पिता धनंजय जायसवाल ने बताया कि आदर्श बचपन से ही पढ़ाई के प्रति बेहद गंभीर थे। वह अपनी बड़ी बहन आकांक्षा जायसवाल के साथ घंटों बैठकर अध्ययन किया करते थे। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपनी पत्नी रश्मि नवीन जायसवाल को भी दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा ने आदर्श को आगे बढ़ने का संबल दिया। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री आकांक्षा जायसवाल भी बेंगलुरु में एक प्रतिष्ठित कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं।
धनंजय जायसवाल ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून हो, तो कोई भी कठिनाई सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। आदर्श जायसवाल की उपलब्धि आज सकलडीहा ही नहीं, बल्कि पूरे चंदौली जनपद के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।









