घटनाओं पर अंकुश लगाने में लापरवाही पर एसपी ने की सख्त कार्रवाई तीन दरोगा निलंबित, जनता की समस्याओं को निपटाने में लापरवाही को लेकर सकलडीहा कोतवाली सबसे आगे, तीन दरोगा हो चुके हैं निलंबित

चंदौली। (समाचार टुडे) जनपद में चोरी और नकबजनी की लगातार हो रही घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा लंबित मामलों का खुलासा करने में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सख्त रुख अपनाया है। कर्तव्यों के प्रति उदासीनता, विवेचना में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के मामले में एसपी ने तीन उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई में सकलडीहा कोतवाली, मुगलसराय थाना और चंदौली थाना में तैनात उपनिरीक्षक शामिल हैं। इनमें सकलडीहा कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक दिनेश राम पर दो नकबजनी के मामलों में बिना घटना का खुलासा किए और चोरी का सामान बरामद किए बिना ही अंतिम रिपोर्ट भेजने का आरोप है।
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सकलडीहा कोतवाली में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 87/2025 धारा 303(2) बीएनएस तथा मुकदमा अपराध संख्या 113/2025 धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस की विवेचना उपनिरीक्षक दिनेश राम कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने घटनाओं का अनावरण किए बिना तथा माल और अभियुक्तों की बरामदगी के प्रयासों को अंजाम दिए बिना ही अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी। क्षेत्राधिकारी सकलडीहा द्वारा कई बार मौखिक और लिखित निर्देश दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में क्षेत्राधिकारी की 29 अक्टूबर 2026 की आख्या के आधार पर एसपी ने दिनेश राम को निलंबित कर दिया।
इसी क्रम में मुगलसराय थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामकेर यादव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि अपने बीट क्षेत्र में चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख सके। साथ ही गंभीर अपराधों की विवेचना और चोरी गए माल की बरामदगी में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की। क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर की 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
वहीं, चंदौली थाना क्षेत्र के हल्का एवं बीट संख्या एक में नियुक्त उपनिरीक्षक केशव प्रसाद सिंह पर भी नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल रहने का आरोप है। क्षेत्राधिकारी सदर की 29 अक्टूबर 2026 की आख्या के आधार पर उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
एसपी का स्पष्ट संदेश
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करने और जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ड्यूटी के प्रति लापरवाही, उदासीनता, ढिलाई और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।









