
चंदौली। (समाचार टूडे)चंदौली और गाजीपुर जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गंगा नदी के नगवां-चोचकपुर घाट पर पीपा पुल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से नदी की गहराई की माप पूरी कर ली गई है। विभाग के अनुसार, नदी का जलस्तर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप है। योजना के तहत 5 नवंबर से नदी में पीपे उतारकर उन्हें जोड़ने का कार्य शुरू किया जाएगा। सब कुछ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रहा तो 15 नवंबर तक पीपा पुल को आम लोगों के आवागमन के लिए चालू कर दिया जाएगा।
60 से 70 किलोमीटर का चक्कर होगा कम
गंगा नदी पर इस पीपा पुल के चालू होने से चंदौली और गाजीपुर के बीच आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा। खासकर धानापुर क्षेत्र के लोगों को गाजीपुर जाने के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी। अभी लोगों को गाजीपुर पहुंचने के लिए लगभग 60 से 70 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। पुल बनने से इस दूरी और यात्रा के समय में काफी कमी आने की उम्मीद है।
कई जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ
नगवां-चोचकपुर पीपा पुल केवल चंदौली और गाजीपुर के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। इसके चालू होने से सोनभद्र और चंदौली की ओर से गाजीपुर, मऊ, देवरिया तथा गोरखपुर जाने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। इससे स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों की ढुलाई और दैनिक यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
मजबूती और सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान
लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर आरके चौहान ने बताया कि पीपा पुल के निर्माण के दौरान उसकी मजबूती और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पुल पर वाहनों की आवाजाही निर्धारित भार क्षमता के अनुसार ही कराई जाएगी, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। विभाग की ओर से निर्माण कार्य पूरा करने के बाद पुल को आवागमन के लिए तैयार किया जाएगा।
पीपा पुल के शुरू होने से गंगा के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों के बीच संपर्क बेहतर होगा और क्षेत्रीय आवागमन को नई गति मिलने की उम्मीद है। अब लोगों की निगाहें 5 नवंबर से शुरू होने वाले निर्माण कार्य और 15 नवंबर तक पुल के संभावित संचालन पर टिकी हैं।









