
चंदौली। (समाचार टुडे) उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के आह्वान पर चल रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत गुरुवार को सकलडीहा और मुगलसराय के महाविद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी 31 सूत्री लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। सकलडीहा पीजी कॉलेज एवं लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज, मुगलसराय के शिक्षकों ने शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रो. दयानिधि सिंह यादव के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर शासन से मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।
इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक लंबे समय से अपनी सेवा संबंधी समस्याओं और विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। फुपुक्टा के माध्यम से कई बार शासन का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया गया, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी क्रम में प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत 2, 3 एवं 4 नवंबर को शिक्षकों ने अपने-अपने महाविद्यालयों में हाथों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन के अगले चरण में जिला प्रशासन के माध्यम से शासन तक अपनी मांगें पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, शिक्षकों की अधिवर्षता आयु 65 वर्ष किए जाने, चिकित्सकीय अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराने, स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने तथा प्रोफेसर पदनाम अर्हता प्राप्त करने की तिथि से प्रदान किए जाने की मांग शामिल है। इसके साथ ही एनपीएस से जुड़ी समस्याओं का समाधान, शोध कार्यों एवं शैक्षणिक संगोष्ठियों के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करने तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों के जीपीएफ भुगतान में आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन के माध्यम से अनुदानित महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अनुदानित व्यवस्था के अंतर्गत शामिल करने तथा वहां कार्यरत शिक्षकों को यूजीसी वेतनमान देने की मांग की गई। इसके अलावा महाविद्यालयों के प्रोफेसरों को विश्वविद्यालय की विभिन्न प्राधिकारी परिषदों में प्रतिनिधित्व देने, परीक्षा पारिश्रमिक एवं उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन से संबंधित यात्रा भत्ते का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने सहित अन्य मांगों को भी प्रमुखता से रखा गया।
इस अवसर पर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रो. दयानिधि सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक उच्च शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला हैं। प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान जरूरी है। पुरानी पेंशन, सेवा सुरक्षा, वेतनमान, पदोन्नति और अन्य सुविधाएं शिक्षकों के सम्मान एवं भविष्य से जुड़ी हुई हैं। शासन को इन मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों महाविद्यालयों के शिक्षकों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए 31 सूत्री मांगों के शीघ्र निस्तारण की अपेक्षा जताई। इस मौके पर महामंत्री डॉ. विनोद कुमार यादव, प्रो. दयाशंकर यादव, प्रो. शमीम राईन, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. यज्ञनाथ पांडेय, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. अमितेश, डॉ. अजय यादव, डॉ. शरद, डॉ. रजनीश, डॉ. मनोज, डॉ. हेमंत सहित दोनों महाविद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे।









