पुलिस एक्ट 1861 में संशोधन कर आधुनिक पुलिस अधिनियम लागू करने की मांग, युवा संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित अपर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन ।

चंदौली। (समाचार टुडे) पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस एक्ट 1861 में संशोधन कर मॉडल पुलिस अधिनियम लागू करने की मांग को लेकर युवा संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी चंदौली के माध्यम से सौंपा।
युवा संघर्ष मोर्चा के संयोजक एवं अधिवक्ता शैलेंद्र पांडेय ‘कवि’ के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय में भी देश की पुलिस व्यवस्था काफी हद तक वर्ष 1861 में बनाए गए पुलिस एक्ट के आधार पर संचालित हो रही है। यह कानून ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया गया था, जिसका उद्देश्य जनता की सेवा से अधिक औपनिवेशिक शासन को मजबूत करना और लोगों पर नियंत्रण बनाए रखना था।
शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि देश को आजाद हुए लगभग 80 वर्ष होने के बावजूद पुलिस व्यवस्था के लिए बने पुराने कानून में अपेक्षित बदलाव नहीं किया गया है। पुलिस एक्ट 1861 की औपनिवेशिक मानसिकता के कारण जनता और पुलिस के बीच विश्वास के बजाय भय का माहौल बनने की स्थिति बनी रहती है। साथ ही पुलिस व्यवस्था पर राजनीतिक और प्रशासनिक नियंत्रण के कारण कई मामलों में पुलिस स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से कार्य नहीं कर पाती।
उन्होंने कहा कि गलत कार्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का अभाव, जवाबदेही और अधिकारों का संतुलन, मानवाधिकारों की रक्षा तथा पुलिस की जनता के प्रति सीधी जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों को आधुनिक पुलिस कानून में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए जल्द से जल्द मॉडल पुलिस अधिनियम लागू किया जाए।
शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में व्यापक बदलाव करते हुए बीएनएस, बीएनएसएस और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। ऐसे में पुलिस व्यवस्था को नियंत्रित करने वाले वर्ष 1861 के पुराने कानून में भी समय की आवश्यकता के अनुरूप व्यापक सुधार किया जाना जरूरी है।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि प्रदेश में आधुनिक पुलिस अधिनियम लागू करने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए, जिससे पुलिस व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, स्वतंत्र और नागरिक हितैषी बन सके।
इस अवसर पर ईश्वर चंद्र पांडेय, मनीष उपाध्याय, अंकित उपाध्याय, संदीप कुमार सिंह सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।









